विकसित भारत युवा संसद – 2026 के जिला स्तरीय कार्यक्रम में स्थान बनाया हमारी होनहार छात्रा कृतिका दाधीच ने, इसकी आवाज़ राजस्थान विधानसभा में गूँजेगी |

अवसर था भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेलकूद मंत्रालय की योजनानुसार विकसित भारत युवा संसद – 2026 के जिला स्तरीय आयोजन का। स्थान लोहिया महाविद्यालय, चूरू का ऐतिहासिक सभागार। सहभागी थे चूरू जिले के कॉलेज विद्यार्थी और इनके बीच शीर्ष स्थान बनाया हमारी होनहार छात्रा कृतिका दाधीच ने। कृतिका राष्ट्रीय सेवा योजना की सक्रिय स्वयंसेविका भी है। इसके प्रथम आने पर चूरू बालिका महाविद्यालय परिवार गौरवान्वित हुआ है। अगले राउण्ड में इसकी आवाज़ राजस्थान विधानसभा में गूँजेगी और हो सकता है वहाँ से आगे भारत की संसद तक भी पहुँचने का अवसर मिले और आगे के लिए आशीषयुक्त शुभकामनाएँ!

श्रद्धेय स्व. मोहर सिंह राठौड़ साहब के जन्म-दिवस के अवसर पर श्रद्धापूर्वक माल्यार्पण |

चूरू बालिका महाविद्यालय की स्थापना में मुख्य भूमिका निभाने वाले, चूरू के विधायक और सांसद रहे श्रद्धेय स्व. मोहर सिंह राठौड़ साहब के जन्म-दिवस के अवसर पर महाविद्यालय के प्रांगण में उनकी प्रतिमा पर प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष श्रीमान रामगोपाल बहड़ सा की अगुआई में समिति के सदस्यों और महाविद्यालय स्टाफ ने किया। उल्लेखनीय है कि यह स्व. राठौड़ सा का जन्म शताब्दी वर्ष भी है।

CBM YOUTH CARNIVAL – December 4, 2025

परिक्रमा, संवाद, सहभागिता और सहकार के साथ आनन्द! सचमुच 4 दिसम्बर का दिन चूरू बालिका महाविद्यालय में आनन्दोत्सव में बदल गया। चूरू की विभिन्न स्कूलों की सीनियर सैकंडरी की सैकड़ों छात्राओं ने तिलकार्चन के बाद कॉलेज और इसकी गतिविधियों का अवलोकन किया, प्रयोगधर्मी प्रदर्शनी को देखा, मनोरंजक खेलों में हिस्सा लिया, लोकधुनों पर थिरकीं तो किसी सेल्फी पॉइंट पर कैमरा क्लिक…। ऐसी कितनी ही मनोरम गतिविधियाँ और अंत में स्टॉलों पर स्नैक्स का लुत्फ़! इन सबसे ही तो बन गया यह आयोजन एक उत्सव, मेला, कार्निवल! अनेकानेक मनोरम दृश्यों में से कुछ के ही चितराम साझा कर रहे हैं तो Read More …

31अगस्त, 2025 को चूरू चेरिटेबल ट्रस्ट, कोलकाता की चूरू बालिका महाविद्यालय व ब्राइट माइंड्स पब्लिक स्कूल के साथ वार्षिक संयुक्त बैठक |

31अगस्त, 2025 को चूरू चेरिटेबल ट्रस्ट, कोलकाता की चूरू बालिका महाविद्यालय व ब्राइट माइंड्स पब्लिक स्कूल के साथ वार्षिक संयुक्त बैठक चूरू में महाविद्यालय परिसर में ट्रस्टी श्रीमान भगवती प्रसाद बियानी सा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस आयोजन की प्रतीक्षा रहती है। इसमें सम्पन्न गतिविविधियों के मूल्यांकन, वर्तमान के निरीक्षण और भविष्य के निर्धारण का अवसर होता है। महाविद्यालय के लिए यह आयोजन किसी उत्सव से कम नहीं। सदैव की भांति इस बार भी माननीय अतिथियों का शुभागमन, संस्था का अपनेपन से निरीक्षण, प्रबन्धन के साथ सार्थक संवाद, विमर्श और संरक्षण भाव से सहयोग और अन्त में सहभोज के Read More …

नवागतों का प्राचार्य और स्टाफ द्वारा तिलकार्चन से आत्मीय स्वागत! सत्र 2025-26

सावन की रिमझिम फुहारों के बीच, महाविद्यालय के सुरम्य परिसर मेंपढ़ो, आगे बढ़ो… इस संकल्प की पूर्ति के निमित्त सचिव महोदय द्वारा छात्राओं को पाठ्यपुस्तकों का वितरण!

नूपुर 2025 व वार्षिकोत्सव

चूरू बालिका महाविद्यालय के वार्षिक सांस्कृतिक समारोह ‘नूपुर’ की छात्राओं को बेसब्री से प्रतीक्षा रहती है। इस आयोजन के दौरान उल्लास और उमंग का प्रस्फुटन होता है। समूचे परिवेश में नूपुर की रुनझुन, तबले की थाप, कोकिल स्वर-लहरियाँ गूँजने लगती हैं। मनभावन प्रस्तुतियों की प्रत्याशा में श्रोता और दर्शक सभागार तक खिंचे चले आते हैं तो कलाकारों के पाँव स्वतः थिरकने लगते हैं। ऐसे ही पल आए 23-24 जनवरी को, जब नूपुर का आयोजन हुआ। इसके अन्तर्गत गायन, नृत्य, अभिनय, काव्य, भाषण आदि की विभिन्न प्रतियोगिताएँ सम्पन्न हुईं। 25 जनवरी, 2025 को आए वो क्षण जब वार्षिकोत्सव एवं पारितोषिक वितरण Read More …

राष्ट्रीय सेवा योजना ( NSS ) ,वर्षपर्यन्त इसके आयोजनों की कुछ झलकियाँ ,2025

राष्ट्रीय सेवा योजना ( NSS ) का नामोल्लेख होते ही मन में सेवा और सहकार का भाव उमड़ने लगता है। वर्षपर्यन्त इसके आयोजनों की झड़ी-सी लगी रहती है। इस बीच समय ही नहीं निकला कि कुछ रुक कर, सम्पन्न हुई गतिविधियों पर फोकस कर, उनकी कुछ झलकियाँ तो आप से भी साझा करें। गतिविधियों की आपाधापी में NSS का एजेण्डा औपचारिकता में उलझ सकता है परन्तु हमारे महाविद्यालय इकाई इन्हें धरातल पर साकार करती है। नियमित एक दिवसीय शिविरों के माध्यम से श्रम-साधना, चयनित बस्ती में जागरण का शंखनाद, विस्तार-व्याख्यानों से ज्ञान, कौशल व व्यक्तित्व का विकास, सप्त दिवसीय शिविरों Read More …

चूरू बालिका महाविद्यालय : शैक्षणिक भ्रमण ,5-17 दिसम्बर, 2024

महाविद्यालय की छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण मात्र सैर-सपाटा या मौज-मस्ती नहीं, बल्कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित होना, देश के विभिन्न अंचलों के लोक-जीवन, इतिहास, परम्परा, वास्तुकला, शिल्प, आस्था और नैसर्गिक सौन्दर्य को निहारना, जानना, आत्मसात करना इसका अभीष्ट होता है। फिर विद्यार्थी जीवन में साथ यात्रा करने, ठहरने, खान-पान और घूमने का आनन्द तो वर्णन से परे होता है। यात्रा के अपने कष्ट हैं, मौसम की भी अपनी चुनौतियाँ होती हैं, तो संसाधन भी सीमित होते हैं- पर इनके माध्यम से ही परस्पर सहयोग, सहकार, समन्वय, आत्मीय भाव, प्रबन्ध-कौशल, जैसे अनगिनत गुण विकसित होते हैं, व्यक्तित्व निखरता है। Read More …