परिक्रमा, संवाद, सहभागिता और सहकार के साथ आनन्द! सचमुच 4 दिसम्बर का दिन चूरू बालिका महाविद्यालय में आनन्दोत्सव में बदल गया। चूरू की विभिन्न स्कूलों की सीनियर सैकंडरी की सैकड़ों छात्राओं ने तिलकार्चन के बाद कॉलेज और इसकी गतिविधियों का अवलोकन किया, प्रयोगधर्मी प्रदर्शनी को देखा, मनोरंजक खेलों में हिस्सा लिया, लोकधुनों पर थिरकीं तो किसी सेल्फी पॉइंट पर कैमरा क्लिक…। ऐसी कितनी ही मनोरम गतिविधियाँ और अंत में स्टॉलों पर स्नैक्स का लुत्फ़!
इन सबसे ही तो बन गया यह आयोजन एक उत्सव, मेला, कार्निवल! अनेकानेक मनोरम दृश्यों में से कुछ के ही चितराम साझा कर रहे हैं तो भी कितने हो गए! एक झलक देखिएगा।